आज के मुसलमान की हालत
मस्जिद के लिए सर कटाने को तैयार है
लेकिन मस्जिद में सर झुकाने को तैयार नहीं
नबी ए क़रीम(सल्ल0) का नाम सुनते ही झूम
.
जाते हैं
नबी ए करीम (सल्ल0)का हुक्म सुनकर घूम जाते हैं
कहते हैं कि मेरी रग रग में हैं नबी नबी
लेकिन पढ़ते हैं नमाज़ हफ़्ते में कभी कभी।