आज का पैग़ाम

 *🌴आज का पैग़ाम🌴*

*06: रबिउल आख़िर:1444 हिजरी*आज का पैग़ाम

*02: नवंबर :2022:(बुध)*


*پریشان ہونے والوں کو کبھی نا*

*کبھی سکون مل جاتا ہے لیکن*

*پریشان کرنے والے ہمیشہ سکون*

 *کی تلاش میں ہی رہتے ہیں*

         *کڑوا سچ*


*परेशान होने वालों को कभी ना*

*कभी सुकून मिल जाता है लेकिन*

*परेशान करने वाले हमेशा सुकून*

*की तलाश में ही रहते हैं*

       *कड़वा सच*



दुआओं का तलबगार

Arhan Khan 

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